श्रावण-सुमन – Festival Poems Raksha Bandhan 2020

POEMS ON FESTIVALS

श्रावण-सुमन – Festival Poems Raksha Bandhan 2020


श्रावण-सुमन

 
जीवन ,
जीवन मूल्यों का
पुष्प गुच्छ है।

रक्षाबंधन भी
एक पुष्प है
रक्षा करना ,
कुत्सित धारणा से!
काली नज़र से!
असंयमित क्षणों से!
व्यसन से ,दुर्दिन से!

रक्षा सूत्र बंधकर
कलाई पर
धड़कन के साथ
जुड़ जाता है
जहाँ से
जीवन मृत्यु का
सम्प्रेषण होता है
कदाचित!
स्मृतियों में
रक्षाबंधन का वचन
धड़कता रहे!

यह जीवन मूल्य
हमारी संस्कृति की
धरोहर है।
यह श्रावण सुमन है।
 
– प्रदीप सोनी’शून्य’

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