Poem on Desh Prem in hindi – Jai Hind Ki Sena

Poem on Desh Prem

जिंदगी जब थम गयी प्रकृति के प्रभाव में
रोशनी तब छिप गयी इन पर्वतो की छाव में
जब कोई भी हाथ आगे रासता न दे सके तब
सेना ही मरहम बनी हर जख्म और हर घाव में

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किस बात पर गर्व करे…..? – Desh Bhakti Poetry

Desh Bhakti Poetry

जवानों की सर कटी लाशों पर…?
सरकार में बैठे अय्याशों पर….?
स्विस बैंकों के राज़ पर…?
प्रदर्शनकारियों पर होते लाठीचार्ज पर…?

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तीन रंगोँ मेँ है सिमटी अपने देश की कहानी – Patriotic Poem in Hindi

Patriotic Poem in Hindi

“तीन रंगोँ मेँ है सिमटी
अपने देश की कहानी
चलो दोहराता हूँ उसे
अपनी जुबानी

केसरी रंग प्रतीक है बलिदान का
देश के प्रति

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मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है – Poem on Desh bhakti in Hindi

Poem on Desh bhakti in Hindi

मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है ,
चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है

ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ ,
रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है

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जागरण गीत – 1 Amazing Patriotic Poems in Hindi

Patriotic Poems

बारूदों का धुंआ उठ रहा है घर की दीवारों से.
खुनी दास्तान लिखी जा रही हे अब हथियारों से,
सिंहों ने दहाड़ना ना जाने क्यों हैं छोड़ दिया,
नपुंसकता की बू है आती अब शेरों की गारों से|

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Best Patriotic Poems Hindi , 1.स्वतंन्त्रा संग्राम सेनानियों का स्मरण ।

Patriotic Poems

अमर रहेंगें सदा हमारे स्वतंन्त्रा सैनानी ,
यह स्वतंन्त्रा जिनकी कुवार्नी है ।
ये गीत सदा गाते रहें हम ,
अमर जवानों की जो जवानी है ।

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Best Patriotic Poems – 1. सिपाही वो नहीं है जो वर्दी पे गुमान करता है

Patriotic Poems

सिपाही वो नहीं है जो वर्दी पे गुमान करता है.
सिपाही वो नहीं जो बस तिरंगे को सलाम करता है.
आओ कराऊँ पहचान तुम्हे मैं सच्चे सिपाही की,
ये वो शख्स है जो खुदको देश पर कुरबान करता है।।

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सरहन्द दीवारों की गाथा – Patriotic Poems Brave Kids

Patriotic Poems

ज़िन्दा चुनें दीवार में ,दो सिंह वो दशमेश के ।
घुटनों तक पहुँची ईंट हर, गिरती थी उनके वेग से ।
घुटनों की काटी चपनियां ,नबाब वो कमजात था ।
थी ज़ुल्म की वो इन्तहा———–।

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भारत माता की आरती – Deshbhakti Kavita

Patriotic Poems

जय-जय भारत माता,तू सब सुखों की दाता
मिल कर गुण गायें सारे भारती
जय भारत माता,हम सब उतारें तेरी आरती
तेरी नदियाँ कल-कल बहती,बांटे जीवन रस को

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